श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 14: यमराज का संकीर्तन  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  2.14.56 
জয জগত-মঙ্গল, প্রভু গৌরচন্দর,
জয সর্ব-জীব-লোকনাথ
উদ্ধারিলা করুণাতে, ব্রহ্ম-দৈত্য যেন-মতে
সবাঽ-প্রতি কর দৃষ্টিপাত
जय जगत-मङ्गल, प्रभु गौरचन्दर,
जय सर्व-जीव-लोकनाथ
उद्धारिला करुणाते, ब्रह्म-दैत्य येन-मते
सबाऽ-प्रति कर दृष्टिपात
 
 
अनुवाद
समस्त ब्रह्माण्ड के कल्याणकारी भगवान गौरचन्द्र की जय हो! समस्त लोकों और जीवों के स्वामी की जय हो! जिस प्रकार आपने ब्राह्मण राक्षसों का उद्धार किया था, उसी प्रकार आप सब पर कृपा दृष्टि रखें।
 
Hail Lord Gaurachandra, the benefactor of the entire universe! Hail the Lord of all worlds and beings! Just as you saved the Brahmins and demons, may you shower your blessings on all.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)