श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 14: यमराज का संकीर्तन  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  2.14.5 
ব্রহ্ম-দৈত্য-দুঽযের সে দেখিযা উদ্ধার
আনন্দে চলিলা তাই করিযা বিচার
ब्रह्म-दैत्य-दुऽयेर से देखिया उद्धार
आनन्दे चलिला ताइ करिया विचार
 
 
अनुवाद
दोनों ब्राह्मण राक्षसों का उद्धार देखकर वे उस लीला का मनन करते हुए आनन्दपूर्वक विदा हुए।
 
Seeing the salvation of both the Brahmin demons, they departed happily, meditating on that leela.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)