श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 14: यमराज का संकीर्तन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  2.14.4 
সর্ব দিন দেখে প্রভু যত লীলা করে
শযন করিলে প্রভু সবে চলে ঘরে
सर्व दिन देखे प्रभु यत लीला करे
शयन करिले प्रभु सबे चले घरे
 
 
अनुवाद
वे दिन भर भगवान की लीलाओं को देखते रहते और जब भगवान सो जाते तो वे घर लौट आते।
 
He would watch the Lord's pastimes all day long and when the Lord would fall asleep he would return home.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)