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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 14: यमराज का संकीर्तन
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श्लोक 30
श्लोक
2.14.30
শেষ, অজ, ভব, নারদাদি ঋষি-গণে
দেখে পডিঽ আছে যমদেব অচেতনে
शेष, अज, भव, नारदादि ऋषि-गणे
देखे पडिऽ आछे यमदेव अचेतने
अनुवाद
शेष, ब्रह्मा, शिव और नारद आदि अनेक ऋषियों ने देखा कि यमराज वहाँ अचेत पड़े हैं।
Many sages like Shesh, Brahma, Shiva and Narada saw that Yamraj was lying unconscious there.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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