আজ্ঞা বিনা কেহ ইহা দেখিতে না পারে
তাঙ্রা পুনি ঠাকুরের সবে সেবা করে
आज्ञा विना केह इहा देखिते ना पारे
ताङ्रा पुनि ठाकुरेर सबे सेवा करे
अनुवाद
भगवान के आदेश के बिना कोई भी उन्हें नहीं देख सकता था क्योंकि वे बार-बार भगवान की सेवा करते थे।
No one could see them without the Lord's command as they served the Lord again and again.
तात्पर्य
श्री चैतन्यदेव अदोक्षज हैं, या भौतिक इंद्रियों की धारणा के परे हैं। ब्रह्मा और शिव के नेतृत्व वाले देवताओं ने श्री चैतन्यदेव की सेवा उनके अदोक्षज शरीरों में इस तरह से की कि श्री चैतन्यदेव की कृपा के बिना कोई भी उन्हें देखने में सक्षम नहीं था।
पुनी शब्द (पुनाः शब्द से लिया गया) का अर्थ "फिर से" या "अक्सर" होता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥