श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 14: यमराज का संकीर्तन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  2.14.23 
পডিলা মূর্চ্ছিত হৈযা রথের উপরে
কোথাও নাহিক ধাতু সকল শরীরে
पडिला मूर्च्छित हैया रथेर उपरे
कोथाओ नाहिक धातु सकल शरीरे
 
 
अनुवाद
वह अपने रथ में बेहोश हो गया और उसके शरीर से जीवन का सारा चिह्न गायब हो गया।
 
He fell unconscious in his chariot and all signs of life disappeared from his body.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)