स्वयंभु नारदः शंभू
कुमारः कपिलो मनुः
प्रह्लादो जनको भीष्मो
बलि वैयांसकिर वयम्
द्वादशैते विजानीमो
धर्मं भागवतं भटाः
गुह्यं विशुद्धं दुर्बोधं
यं ज्ञात्वामृतम अश्नुत
"हे मेरे सेवकों, भगवान ब्रह्मा, भगवान नारद, भगवान शिव, चार कुमार, भगवान कपिल [देवहूति के पुत्र], स्वायंभुव मनु, प्रह्लाद महाराज, जनक महाराज, दादा भीष्म, बलि महाराज, शुकदेव गोस्वामी और मैं स्वयं—हम बारह वास्तविक धार्मिक सिद्धांतों को जानते हैं।"
