আমারে ভাণ্ডাও, যেন পশুরে ভাণ্ডাও
আমারে সে তুমি পুনঃ পুনঃ যে শিখাও”
आमारे भाण्डाओ, येन पशुरे भाण्डाओ
आमारे से तुमि पुनः पुनः ये शिखाओ”
अनुवाद
"आप मुझे उसी प्रकार धोखा देते हैं, जैसे कोई पशु को धोखा देता है, और इस प्रकार आप मुझे बार-बार शिक्षा देते हैं।"
"You deceive me as one deceives an animal, and thus you teach me again and again."
तात्पर्य
हरिदास जी कहते हैं, "मेरे कृष्ण के पास विनय करने मात्र से ही यह नहीं सिखाया जा सकता कि वैष्णव का सम्मान कैसे प्राप्त किया जाए और सर्वोच्च भगवान को कैसे संतुष्ट किया जाए। मैं तो विचार-विवेक शून्य पशु के समान हूँ जो भला-बुरा कुछ नहीं जानता। यदि आपकी बात मानकर मैं अपने को वैष्णव समझूँ और यह सोचूँ कि परम दयालु कृष्ण मेरे निवेदन से दो पापियों का उद्धार कर देंगे, तो मैं पशु से भी गया-बीता हूँ। मैं भले ही भला-बुरा समझने से रहित पशु हूँ, पर आपका मुझसे अपना स्वरूप छुपाना मेरे मूर्खतापूर्ण स्वभाव का द्योतक है। मैं कृष्ण को भूलकर जी रहा था, अतः आपने मुझे भगवान की सेवा में नियुक्त करने की अत्यंत प्रेममयी इच्छा से मेरे स्वरूप का बोध कराने के लिए यह सब लीला की है। आपकी इस लीला से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है।"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥