श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार  »  श्लोक 293
 
 
श्लोक  2.13.293 
শুনিযা প্রভুর বাক্য জগাই-মাধাই
সবার চরণ ধরিঽ পডিলা তথাই
शुनिया प्रभुर वाक्य जगाइ-माधाइ
सबार चरण धरिऽ पडिला तथाइ
 
 
अनुवाद
भगवान के वचन सुनकर जगाई और माधाई सबके चरणों में गिर पड़ीं।
 
Hearing the words of God, Jagai and Madhai fell at everyone's feet.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)