श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार  »  श्लोक 243
 
 
श्लोक  2.13.243 
কার শক্তি বুঝিতে চৈতন্য-অভিমত
দুই দস্যু করে দুই মহাভাগবত
कार शक्ति बुझिते चैतन्य-अभिमत
दुइ दस्यु करे दुइ महाभागवत
 
 
अनुवाद
भगवान चैतन्य की इच्छा को समझने की शक्ति किसमें है, जिन्होंने दो दुष्टों को महाभागवतों में परिवर्तित कर दिया?
 
Who has the power to understand the will of Lord Chaitanya, who transformed two rascals into Mahabhagavatas?
तात्पर्य
श्री चैतन्यदेव के लीलाकमल अत्यंत गंभीर और सामान्य लोगों के समझ से परे हैं। महा-भागवत की वह योग्यता जिसको जीव कई जन्मों तक हरी की अनुकूल सेवा करने पर भी प्राप्त नहीं कर पाता है, उन दोनों हीन जाति के धूर्तों ने एक क्षण में ही प्राप्त कर ली। अतः उनकी इस शक्ति को समझने हेतु कोई भी योग्य नहीं है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)