श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 13: जगाई और माधाई का उद्धार  »  श्लोक 221
 
 
श्लोक  2.13.221 
বিশ্বম্ভর বলে,—“যদি ক্ষমিলা সকল
মাধাইরে কোল দেহঽ, হৌক সফল”
विश्वम्भर बले,—“यदि क्षमिला सकल
माधाइरे कोल देहऽ, हौक सफल”
 
 
अनुवाद
विश्वम्भर ने कहा, “यदि आपने सचमुच माधाई को क्षमा कर दिया है, तो उसे गले लगाइए और उसका जीवन सफल बनाइए।”
 
Vishwambhar said, “If you have truly forgiven Madhai, then embrace him and make his life successful.”
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