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श्लोक 2.13.179  |
ফুটিল মুটকীশিরে,—রক্ত পডে ধারে
নিত্যানন্দ-মহাপ্রভু ঽগোবিন্দঽ সঙরে |
फुटिल मुटकीशिरे,—रक्त पडे धारे
नित्यानन्द-महाप्रभु ऽगोविन्दऽ सङरे |
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| अनुवाद |
| टूटे हुए मिट्टी के बर्तन ने भगवान का सिर काट दिया और घाव से खून बहने लगा, फिर भी भगवान नित्यानंद ने केवल गोविंद को याद किया। |
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| The broken earthen pot cut the Lord's head and blood started flowing from the wound, yet Lord Nityananda remembered only Govinda. |
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