श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 12: नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  2.12.61 
নিত্যানন্দ-স্বরুপের এ সকল কথাযে-দেখিল,
সে তাঙ্হারে জানযে সর্বথা
नित्यानन्द-स्वरुपेर ए सकल कथाये-देखिल,
से ताङ्हारे जानये सर्वथा
 
 
अनुवाद
जिन्होंने नित्यानन्द स्वरूप की ये लीलाएँ देखी हैं, वे उनकी महिमा को यथार्थतः जानते हैं।
 
Those who have seen these pastimes of the Nityananda form truly know His glory.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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