श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 12: नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 53
 
 
श्लोक  2.12.53 
এই-মত সর্ব-দিন প্রভু নৃত্য করিঽ
বসিলেন সর্ব-গণ-সঙ্গে গৌরহরি
एइ-मत सर्व-दिन प्रभु नृत्य करिऽ
वसिलेन सर्व-गण-सङ्गे गौरहरि
 
 
अनुवाद
पूरे दिन इस प्रकार नृत्य करने के बाद गौरहरि अपने साथियों के साथ बैठ गए।
 
After dancing like this the whole day, Gaurahari sat down with his companions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)