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श्लोक 2.12.50  |
পৃথিবী কম্পিতা নিত্যানন্দ-পদ-তালে
দেখিযা আনন্দে সর্ব-গণে ঽহরিঽ বলে |
पृथिवी कम्पिता नित्यानन्द-पद-ताले
देखिया आनन्दे सर्व-गणे ऽहरिऽ बले |
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| अनुवाद |
| नित्यानंद के कदमों के भार से धरती हिल उठी। उन्हें नाचते देख सभी भक्तगण "हरि! हरि!" के जयकारे लगाने लगे। |
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| The earth shook under the weight of Nityananda's footsteps. Seeing him dance, all the devotees began to shout, "Hari! Hari!" |
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