श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 12: नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  2.12.44 
ক্ষণেকে শ্রী-গৌরচন্দ্র করিযা হুঙ্কার
উঠিযা লাগিলা নৃত্য করিতে অপার
क्षणेके श्री-गौरचन्द्र करिया हुङ्कार
उठिया लागिला नृत्य करिते अपार
 
 
अनुवाद
शीघ्र ही श्री गौरचन्द्र ने जोर से गर्जना की और खूब नाचने लगे।
 
Soon Shri Gaurchandra roared loudly and started dancing vigorously.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)