श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 12: नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  2.12.13 
নিরবধি এই বলিঽ করেন হুঙ্কার
“মোর প্রভু নিমাই পণ্ডিত নদীযার”
निरवधि एइ बलिऽ करेन हुङ्कार
“मोर प्रभु निमाइ पण्डित नदीयार”
 
 
अनुवाद
भगवान नित्यानंद ने जोर से गर्जना की और बार-बार घोषणा की, “नदिया के निमाई पंडित मेरे भगवान हैं।”
 
Lord Nityananda roared loudly and repeatedly declared, “Nimai Pandit of Nadia is my Lord.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)