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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 11: नित्यानंद का चरित
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श्लोक 37
श्लोक
2.11.37
হাসিঽ বলে নিত্যানন্দ,—“কান্দ কি কারণ?
কোন্ দুঃখ বল?—সব করিব খণ্ডন”
हासिऽ बले नित्यानन्द,—“कान्द कि कारण?
कोन् दुःख बल?—सब करिब खण्डन”
अनुवाद
नित्यानंद मुस्कुराए और बोले, "तुम क्यों रो रही हो? मुझे अपनी परेशानी का कारण बताओ, मैं सब ठीक कर दूँगा।"
Nityananda smiled and said, "Why are you crying? Tell me the reason for your trouble, I will make everything right."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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