श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन  »  श्लोक 87
 
 
श्लोक  2.10.87 
সেই সে ভজন মোর হৌ জন্ম জন্ম
সেই অবশেষ মোর—ক্রিযা-কুল-ধর্ম
सेइ से भजन मोर हौ जन्म जन्म
सेइ अवशेष मोर—क्रिया-कुल-धर्म
 
 
अनुवाद
"जन्म-जन्मान्तर तक यही मेरी भक्ति हो। इन अवशेषों का सम्मान करना ही मेरा एकमात्र व्यवसाय और धार्मिक कर्तव्य हो।"
 
"Let this be my devotion throughout my life. Let my sole occupation and religious duty be to honor these relics."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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