श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन  »  श्लोक 306
 
 
श्लोक  2.10.306 
বলরাম-প্রীতে গাই চৈতন্য-চরিত
করে বলরাম প্রভু জগতের হিত
बलराम-प्रीते गाइ चैतन्य-चरित
करे बलराम प्रभु जगतेर हित
 
 
अनुवाद
मैं बलराम की प्रसन्नता के लिए भगवान चैतन्य की महिमा का गान करता हूँ। भगवान बलराम सदैव जगत के कल्याण में लगे रहते हैं।
 
I sing the glories of Lord Chaitanya to please Balarama, who is always engaged in the welfare of the world.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)