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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन
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श्लोक 266
श्लोक
2.10.266
এই মত যত যত ভক্তের মণ্ডল
যেই কৈল স্তুতি, বর পাইল সকল
एइ मत यत यत भक्तेर मण्डल
येइ कैल स्तुति, वर पाइल सकल
अनुवाद
इस प्रकार प्रार्थना करने वाले सभी भक्तों को आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
All the devotees who prayed in this manner were blessed.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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