श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  2.10.26 
মুরারির প্রতি সব-বৈষ্ণবের প্রীত
সর্ব-ভুতে কৃপালুতামুরারি-চরিত
मुरारिर प्रति सब-वैष्णवेर प्रीत
सर्व-भुते कृपालुतामुरारि-चरित
 
 
अनुवाद
सभी वैष्णवों को मुरारी से बहुत स्नेह था, जो स्वभाव से सभी जीवों पर दयालु थे।
 
All Vaishnavas had great affection for Murari, who was by nature kind to all living beings.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)