"मुकुन्द, तुम्हारी भक्ति मुझे बहुत प्रिय है। तुम जहाँ भी गाते हो, मैं वहाँ साक्षात् प्रकट हो जाता हूँ।
"Mukunda, your devotion is very dear to me. Wherever you sing, I appear there in person.
तात्पर्य
जहाँ-जहाँ प्रभु के पवित्र नाम भक्ति से जपे जाते हैं, वहाँ प्रभु स्वयं अपने पवित्र नामों के रूप में साकार होते हैं। भजनानन्दी मुकुन्द प्रभु को अत्यंत प्रिय है, इसलिए प्रभु गौरसुन्दर जहाँ भी मुकुन्द भजन गाते हैं, वहाँ हमेशा अवतरित होते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥