श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन  »  श्लोक 234
 
 
श्लोक  2.10.234 
নিরাশ্রযে পালন করেন সবাকার
ভক্তি-যোগ-প্রভাবে এ সব অধিকার
निराश्रये पालन करेन सबाकार
भक्ति-योग-प्रभावे ए सब अधिकार
 
 
अनुवाद
"अनंत स्वतंत्र रूप से सबका पालन करते हैं। यह उनकी भक्ति के प्रभाव से ही संभव है।"
 
"Ananta freely obeys all. This is possible only through the influence of devotion to Him."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)