श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन  »  श्लोक 211
 
 
श्लोक  2.10.211 
আমার গাযন তুমি, থাক আমা-সঙ্গে
পরিহাস-পাত্র-সঙ্গে আমি কৈল রঙ্গে
आमार गायन तुमि, थाक आमा-सङ्गे
परिहास-पात्र-सङ्गे आमि कैल रङ्गे
 
 
अनुवाद
"तुम मेरे गायक हो, और हमेशा मेरे साथ रहते हो। मैं तुम्हारे साथ मज़ाक कर रहा था क्योंकि तुम एक योग्य उम्मीदवार थे।"
 
"You're my singer, and you're always with me. I was joking with you because you were a worthy candidate."
तात्पर्य
"तुम सदैव परमप्रभु की महिमा का गुणगान करती हो। अतः तुम सदैव मेरे साथ निवास करती हो। अतः जब मैंने कहा था कि तुम मुझे जन्मों बाद देख पाओगी, तो तुम समझ लो वह केवल एक मजाक था। तुम मुझे सबसे प्रिय हो, इसलिए तुम्हारे साथ मजाक करना मेरा स्वभाव है।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)