श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  2.10.20 
মুরারি বলযে,—“প্রভু আর নাহি চাঙ
হেন কর প্রভু যেন তোর গুণ গাঙ
मुरारि बलये,—“प्रभु आर नाहि चाङ
हेन कर प्रभु येन तोर गुण गाङ
 
 
अनुवाद
मुरारी ने उत्तर दिया, "हे प्रभु, मुझे कुछ नहीं चाहिए। मुझे केवल आपकी महिमा का गान करने दीजिए।"
 
Murari replied, "O Lord, I do not want anything. Let me just sing your glories."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)