श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन  »  श्लोक 183
 
 
श्लोक  2.10.183 
প্রভু বলে,—“হেন বাক্য কভু না বলিবাও
বেটার লাগিঽ মোরে কভু না সাধিবা
प्रभु बले,—“हेन वाक्य कभु ना बलिबाओ
बेटार लागिऽ मोरे कभु ना साधिबा
 
 
अनुवाद
प्रभु ने उत्तर दिया, "ऐसी बातें फिर कभी मत कहना। उस व्यक्ति की ओर से मुझसे कभी बात मत करना।"
 
The Lord replied, "Never say such things again. Never speak to me on that man's behalf."
तात्पर्य
श्रीवासे ने प्रभु से मुकुन्द को अपने सामने बुलाने का अनुरोध किया | इसपर प्रभु ने क्रोध में कहा "मुझे कभी भी उस पर दया करने के लिए मत कहना" |
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)