vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन
»
श्लोक 178
श्लोक
2.10.178
শ্রীবাস বলেন,—“শুন জগতের নাথ
মুকুন্দ কি অপরাধ করিল তোমাত?
श्रीवास बलेन,—“शुन जगतेर नाथ
मुकुन्द कि अपराध करिल तोमात?
अनुवाद
श्रीवास बोले, "हे जगत के स्वामी, कृपया सुनिए। मुकुंद ने आपको किस प्रकार अपमानित किया है?"
Srivasa said, "O Lord of the universe, please listen. How has Mukunda insulted you?"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×