श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  2.10.17 
চৈতন্যের বাক্যে গুপ্ত চৈতন্য পাইলাদেখিযা
সকল প্রেমে কান্দিতে লাগিলা
चैतन्येर वाक्ये गुप्त चैतन्य पाइलादेखिया
सकल प्रेमे कान्दिते लागिला
 
 
अनुवाद
भगवान चैतन्य के वचन सुनकर मुरारी को होश आ गया। उस स्वरूप को देखकर वे प्रेम से रोने लगे।
 
Hearing Lord Chaitanya's words, Murari regained consciousness. Seeing that form, he began to weep with love.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)