vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन
»
श्लोक 17
श्लोक
2.10.17
চৈতন্যের বাক্যে গুপ্ত চৈতন্য পাইলাদেখিযা
সকল প্রেমে কান্দিতে লাগিলা
चैतन्येर वाक्ये गुप्त चैतन्य पाइलादेखिया
सकल प्रेमे कान्दिते लागिला
अनुवाद
भगवान चैतन्य के वचन सुनकर मुरारी को होश आ गया। उस स्वरूप को देखकर वे प्रेम से रोने लगे।
Hearing Lord Chaitanya's words, Murari regained consciousness. Seeing that form, he began to weep with love.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×