श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  2.10.15 
সুমিত্রা-নন্দন দেখ তোমার জীবন
যাঽরে জীযাইলে আনিঽ সে গন্দমাদন
सुमित्रा-नन्दन देख तोमार जीवन
याऽरे जीयाइले आनिऽ से गन्दमादन
 
 
अनुवाद
"सुमित्रा के पुत्र, अपने जीवन और आत्मा को देखो। तुम उनके जीवन को पुनर्जीवित करने के लिए गंधमादन पर्वत लाए हो।"
 
"Son of Sumitra, look at your life and soul. You have brought Gandhamadana mountain to revive their lives."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)