সর্ব-ভাগবতের বচন অনাদরিঽ
অদ্বৈতের সেবা করে, নহে প্রিযঙ্করী
सर्व-भागवतेर वचन अनादरिऽ
अद्वैतेर सेवा करे, नहे प्रियङ्करी
अनुवाद
यदि कोई अद्वैत की सेवा करते समय श्रेष्ठ भक्तों के कथनों की अवहेलना करता है, तो उसकी सेवा सुखदायी नहीं होगी।
If one ignores the statements of the best devotees while serving Advaita, his service will not be pleasant.
तात्पर्य
जो लोग केवल नाममात्र ही अद्वैत की सेवा करके भक्ति सेवा का अनादर करते हैं, और श्री चैतन्यदेव के भक्तों की बातों को नज़रअंदाज़ करते हैं, इस संसार के कल्याण में योगदान नहीं देते।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥