श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन  »  श्लोक 128
 
 
श्लोक  2.10.128 
প্রভু বলে,—“সর্ব পাঠ কহিল তোমারে
এক পাঠ নাহি কহি, আজি কহি তোরে
प्रभु बले,—“सर्व पाठ कहिल तोमारे
एक पाठ नाहि कहि, आजि कहि तोरे
 
 
अनुवाद
भगवान ने कहा, "यद्यपि मैंने सभी श्लोकों की व्याख्या की, परन्तु मैंने एक भी श्लोक की व्याख्या नहीं की, जिसे मैं अब तुम्हें समझाऊंगा।
 
The Lord said, “Although I explained all the verses, I did not explain one verse which I will explain to you now.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)