श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन  »  श्लोक 122
 
 
श्लोक  2.10.122 
ঽউঠ উঠ আচার্য, শ্লোকের অর্থ শুন
এই অর্থ, এই পাঠ নিঃসন্দেহ জান
ऽउठ उठ आचार्य, श्लोकेर अर्थ शुन
एइ अर्थ, एइ पाठ निःसन्देह जान
 
 
अनुवाद
उठो! उठो, आचार्य! इस श्लोक का अर्थ सुनो। निश्चयपूर्वक जान लो कि यही इसका वास्तविक अर्थ है।
 
Arise! Arise, teacher! Listen to the meaning of this verse. Know for certain that this is its true meaning.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)