श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन  »  श्लोक 108
 
 
श्लोक  2.10.108 
ব্রহ্মা, শিব হরিদাস-হেন ভক্ত-সঙ্গ
নিরবধি করিতে চিত্তের বড রঙ্গ
ब्रह्मा, शिव हरिदास-हेन भक्त-सङ्ग
निरवधि करिते चित्तेर बड रङ्ग
 
 
अनुवाद
भगवान ब्रह्मा और भगवान शिव जैसे व्यक्तित्व सदैव हरिदास जैसे भक्त की संगति की इच्छा रखते हैं।
 
Personalities like Lord Brahma and Lord Shiva always desire the association of a devotee like Haridasa.
तात्पर्य
ब्रह्मा जी ब्रह्मांड के पितामह हैं और शिव जी ब्रह्मांड का अंत करने वाले हैं, हमेशा हरिदास की संगति पाने की इच्छा करते हैं।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)