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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 10: भगवान के महाप्रकाश लीला का समापन
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श्लोक 106
श्लोक
2.10.106
কেহ বলে,—“চতুর্মুখ যেন হরিদাস”
কেহ বলে,—“প্রহ্লাদের যেন পরকাশ”
केह बले,—“चतुर्मुख येन हरिदास”
केह बले,—“प्रह्लादेर येन परकाश”
अनुवाद
किसी ने कहा, “हरिदास चतुर्मुख ब्रह्मा के समान हैं।” किसी अन्य ने कहा, “वे प्रह्लाद के स्वरूप हैं।”
Someone said, “Haridasa is like the four-faced Brahma.” Another said, “He is the embodiment of Prahlad.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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