श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 98
 
 
श्लोक  2.1.98 
প্রভু বলে,—“গদাধর! তুমি সে সুকৃতি
শিশু হৈতে কৃষ্ণেতে করিলা দৃঢ-মতি
प्रभु बले,—“गदाधर! तुमि से सुकृति
शिशु हैते कृष्णेते करिला दृढ-मति
 
 
अनुवाद
भगवान बोले, "हे गदाधर, तुम सचमुच परम भाग्यशाली हो। बचपन से ही तुमने अपना मन कृष्ण में दृढ़ता से लगाया है।
 
The Lord said, “O Gadadhara, you are truly extremely fortunate. From childhood you have firmly fixed your mind on Krishna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)