vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश
»
श्लोक 98
श्लोक
2.1.98
প্রভু বলে,—“গদাধর! তুমি সে সুকৃতি
শিশু হৈতে কৃষ্ণেতে করিলা দৃঢ-মতি
प्रभु बले,—“गदाधर! तुमि से सुकृति
शिशु हैते कृष्णेते करिला दृढ-मति
अनुवाद
भगवान बोले, "हे गदाधर, तुम सचमुच परम भाग्यशाली हो। बचपन से ही तुमने अपना मन कृष्ण में दृढ़ता से लगाया है।
The Lord said, “O Gadadhara, you are truly extremely fortunate. From childhood you have firmly fixed your mind on Krishna.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×