श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 96
 
 
श्लोक  2.1.96 
প্রভু বলে,—“কোন্ জন গৃহের ভিতর?”
ব্রহ্মচারী বলেন,—“তোমার গদাধর”
प्रभु बले,—“कोन् जन गृहेर भितर?”
ब्रह्मचारी बलेन,—“तोमार गदाधर”
 
 
अनुवाद
तब भगवान ने पूछा, “कक्ष के अन्दर कौन है?” शुक्लम्बर ब्रह्मचारी ने उत्तर दिया, “आपका गदाधर अन्दर है।”
 
Then the Lord asked, “Who is inside the room?” The Shuklamber Brahmachari replied, “Your Gadadhara is inside.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)