श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 94
 
 
श्लोक  2.1.94 
উঠিল কীর্তন-রোল প্রেমের ক্রন্দন
প্রেম-ময হৈল শুক্লাম্বরের ভবন
उठिल कीर्तन-रोल प्रेमेर क्रन्दन
प्रेम-मय हैल शुक्लाम्बरेर भवन
 
 
अनुवाद
आनंदित प्रेम में कीर्तन और रोने की ध्वनि ने मिलकर शुक्लम्बर के घर को ईश्वर के प्रेम से भर दिया।
 
The sound of kirtan and crying in blissful love together filled Shuklambar's house with the love of God.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)