श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 80
 
 
श्लोक  2.1.80 
’কি আখ্যান কৃষ্ণের কহেন শুনি গিযা’
থাকিলেন শুক্লাম্বর-গৃহে লোকাইযা
’कि आख्यान कृष्णेर कहेन शुनि गिया’
थाकिलेन शुक्लाम्बर-गृहे लोकाइया
 
 
अनुवाद
यह सोचकर कि, “मुझे सुनने दो कि वे कृष्ण के कौन से विषय सुनाएंगे,” गदाधर शुक्लम्बर के घर के अंदर छिप गया।
 
Thinking, “Let me hear what topics about Krishna he will tell me,” Gadadhara hid inside Shuklamber’s house.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)