श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  2.1.8 
মধ্য-খণ্ড-কথা যেন অমৃতের খণ্ড
যে কথাশুনিলে ঘুচে অন্তর-পাষণ্ড
मध्य-खण्ड-कथा येन अमृतेर खण्ड
ये कथाशुनिले घुचे अन्तर-पाषण्ड
 
 
अनुवाद
मध्यखण्ड के विषय अमृत के समान हैं। जो कोई इन कथाओं को सुनेगा, उसके हृदय से नास्तिकता नष्ट हो जाएगी।
 
The topics in the middle section are like nectar. Anyone who listens to these stories will be free from atheism.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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