श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 77
 
 
श्लोक  2.1.77 
হেন-মতে পুষ্প তুলি’ ভাগবত-গণ
পূজা করিবারে সবে করিলা গমন
हेन-मते पुष्प तुलि’ भागवत-गण
पूजा करिबारे सबे करिला गमन
 
 
अनुवाद
इस प्रकार फूल चुनने के बाद सभी भक्तगण अपनी दैनिक पूजा करने के लिए अपने घरों को लौट गए।
 
Thus after picking flowers all the devotees returned to their homes to perform their daily worship.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)