श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  2.1.73 
প্রথমেই বলিলেন শ্রীবাস উদার
“গোত্র বাডাউন কৃষ্ণ আমা সবাকার”
प्रथमेइ बलिलेन श्रीवास उदार
“गोत्र बाडाउन कृष्ण आमा सबाकार”
 
 
अनुवाद
उदार श्रीवास सबसे पहले बोले, “कृष्ण हमारे परिवार की वृद्धि करें।”
 
The generous Srivasa was the first to speak, “May Krishna increase our family.”
तात्पर्य
गौत्र का वाच्यार्थ “परिवार” या “सभा” है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)