श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  2.1.72 
শ্রীমানের বচন শুনিযা ভক্ত-গণে
’হরি’ বলি’ মহাধ্বনি করিলা তখনে
श्रीमानेर वचन शुनिया भक्त-गणे
’हरि’ बलि’ महाध्वनि करिला तखने
 
 
अनुवाद
श्रीमान पंडित से यह समाचार सुनकर भक्तों ने प्रसन्नतापूर्वक हरि नाम का कीर्तन किया।
 
Hearing this news from Mr. Pandit, the devotees happily chanted the name of Hari.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)