श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  2.1.70 
তুমি আর সদাশিব পণ্ডিত মুরারি
তোমা সবা স্থানে দুঃখ করিব গোহারি
तुमि आर सदाशिव पण्डित मुरारि
तोमा सबा स्थाने दुःख करिब गोहारि
 
 
अनुवाद
“मैं अपना दुःख आपको, सदाशिव और मुरारी पंडित को बताना चाहता हूँ।”
 
“I want to tell my sorrow to you, Sadashiv and Murari Pandit.”
तात्पर्य
गोहारी शब्द (संस्कृत शब्द गोचर से बना) का सामान्य अर्थ है "व्यक्त करना", "समर्पण करना" या "सहानुभूति के लिए प्रार्थना करना", लेकिन बिहार और उड़ीसा में इसका अर्थ रोना है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)