श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 64
 
 
श्लोक  2.1.64 
পাদ-পদ্ম-তীর্থের লৈতে মাত্র নাম
নযনের জলে সব পূর্ণ হৈল স্থান
पाद-पद्म-तीर्थेर लैते मात्र नाम
नयनेर जले सब पूर्ण हैल स्थान
 
 
अनुवाद
“जैसे ही उन्होंने पाद-पद्म-तीर्थ का नाम लिया, उनके आस-पास का क्षेत्र उनके आँसुओं से भर गया।
 
“As soon as he uttered the name of Pada-Padma-Tirtha, the area around him was filled with his tears.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)