श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  2.1.63 
নিভৃতে কহিতে লাগিলেন কৃষ্ণ-কথাযে
যে স্থানে দেখিলেন যে অপূর্ব যথা
निभृते कहिते लागिलेन कृष्ण-कथाये
ये स्थाने देखिलेन ये अपूर्व यथा
 
 
अनुवाद
“एकांत स्थान पर उन्होंने कृष्ण और विभिन्न स्थानों पर देखे गए चमत्कारों के बारे में बोलना शुरू किया।
 
“In a secluded place he began to speak about Krishna and the miracles he had witnessed at various places.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)