श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  2.1.61 
গযা হৈতে আইলেন সকল কুশলে
শুনি’ আমি সম্ভাষিতে গেলাঙ বিকালে
गया हैते आइलेन सकल कुशले
शुनि’ आमि सम्भाषिते गेलाङ विकाले
 
 
अनुवाद
“यह सुनकर कि वे गया से प्रसन्नतापूर्वक लौट आये हैं, मैं कल दोपहर को उनका स्वागत करने गया।
 
“Hearing that he had returned happily from Gaya, I went to welcome him yesterday afternoon.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)