श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 58
 
 
श्लोक  2.1.58 
সবেই বলেন,—“আজি বড দেখি হাস্য?”
শ্রীমান্ কহেন,—“আছে কারণ অবশ্য”
सबेइ बलेन,—“आजि बड देखि हास्य?”
श्रीमान् कहेन,—“आछे कारण अवश्य”
 
 
अनुवाद
सबने कहा, “लगता है आज आप बहुत खुश हैं?” श्रीमान पंडित ने उत्तर दिया, “निःसंदेह, इसका एक अच्छा कारण है।”
 
Everyone said, “You seem very happy today?” Mr. Pandit replied, “Of course, there is a good reason for it.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)