सभी जीवों पर तरस करके, भगवान ने एक शुभ मुहूर्त पर भगवान के प्रेम की वर्षा शुरू की। जैसे ही यह खबर प्रसारित हुई, भक्त तुरंत उन्हें देखने के लिए आए।