श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  2.1.44 
’কৃষ্ণ কৃষ্ণ বলি’ প্রভু করযে ক্রন্দন
আই দেখে,—অশ্রু-জলে ভরিল অঙ্গন
’कृष्ण कृष्ण बलि’ प्रभु करये क्रन्दन
आइ देखे,—अश्रु-जले भरिल अङ्गन
 
 
अनुवाद
भगवान रोते हुए कृष्ण का नाम पुकार रहे थे। उनकी माँ ने देखा कि आँगन आँसुओं से भर गया था।
 
The Lord wept and called out Krishna's name. His mother saw that the courtyard was filled with tears.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)